बागेश्वर धाम एक साजिश का हिस्सा
बागेश्वर धाम पर प्रश्न उठाने वाले चैनलों में कम से कम दो घंटे ज्योतिष, टैरो रीडिंग आदि के प्रोग्राम होते हैं। क्यों? क्योंकि उसकी TRP है। यह आक्रमण अचानक नहीं, सुनियोजित है। धीरेन्द्र शास्त्री जी आदिवासी क्षेत्रों में धाम के खर्चे पर कथा कहते हैं, जहाँ कन्वर्जन सर्वाधिक है।
इसलिए, उन पर आक्रमण आवश्यक हो जाता है। आपको पता है कि #BageshwarDhamSarkar के माध्यम से ₹400 करोड़ का कैंसर अस्पताल बन रहा है। तत्पश्चात्, एक संस्कृत विद्यालय बनवाने की योजना है। हिन्दू पुनर्जागरण के कार्य करने वालों पर आक्रमण नहीं होगा तो किस पर होगा?
अगर आपको चमत्कार से आपत्ति है, तो मत मानिए। परंतु जो व्यक्ति न केवल मतांतरण रोक रहा है, बल्कि विधर्मियों की घरवापसी करवा रहा है, उस पर प्रश्न तो मत कीजिए। साधना से क्या-क्या संभव है, वो केवल वही समझ सकते हैं जिनकी उस विषय में आस्था है।
जैसे कि यदि आप तरंगों में बायनरी डेटा के लाने-ले जाने की क्षमता को नहीं समझते, तो आपको मोबाइल फोन से बात करना चमत्कार ही लगेगा। आपने कभी किसी साधक को देखा ही नहीं, आपको सलीम-जावेद वाली घटिया नैरेटिव वाली फिल्मों से अपने धर्म का ज्ञान मिला है, तो आपको ये सब ढोंग ही लगेगा। आप देखो कि एक साथ क्या हुआ है पिछले दो दिनों में:
1. मोदी डॉकूमेंट्री
2. जुबैर पर दो डॉकूमेंट्री
3. पंडित धीरेन्द्र जी पर आक्रमण
4. WEF में हिन्दू विरोधी प्रपंच
चारों के केन्द्र में क्या है: हिन्दू उत्पीड़क धर्म है, मुसलमान पीड़ित कौम।
क्या यह सब समझना इतना कठिन है?
@AjeetBharti
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